“शौर्यम..दक्षम..युध्धेय, बलिदान परम धर्मा”
शिवांश जम्मू के डोडा में पोस्टेड स्पेशल पैरा मिलिट्री रेजिमेंट का कैप्टन है। शिवांश सुबह उठता है और उसे पता चलता है कि LOC से सटे एक घर में, एक आतंकी छिपा बैठा है। Captain शिवांश अपनी टीम के साथ घर को घेरने के लिए सेना की गाड़ी लेकर निकलते है और थोड़ी देर चलने के बाद वो टारगेट से २०० m पहले देखते है, कि रास्ते में बहुत भीड़ लगी हुई होती है। कैप्टन शिवांश अपने २ कमांडोज को उतर कर देखने के लिए कहते है , कमांडो गाड़ी से उतर कर भीड़ की तरफ बढ़ते हैं और देखते हैं कि वहां एक लड़का जो अर्ध नग्न अवस्था में था, वो ज़मीन पर मृत पड़ा हुआ था, कैप्टन शिवांश गाड़ी को वहीं खड़ी कर ज्यादातर सैनिकों को पैदल मार्च कर के घर को चारो तरफ़ से घेरने का आदेश देते हैं और स्वयं उस लड़के की लाश के निकट दो कमांडो के साथ लाश की शिनाख्त करने लगते हैं। तभी कैप्टन शिवांश देखते हैं कि लाश की कमर में, बाए अलंग की तरफ पैंट में एक कागज़ का टुकड़ा था जो बहार निकला हुआ था, कैप्टन कागज़ के टुकड़े को बाहर निकालते हैं, जिसमें लिखा था !! " Captain ये तो बस एक छोटा सा तोहफ़ा है ,आगे घर में बढ़ो एक बड़ा तो...